कश्मीरी पंडितों की संस्था ने नरसंहार मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल
1 min read
कश्मीरी पंडितों की संस्था ने नरसंहार मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की
रूट्स इन कश्मीर नाम के संस्थान की ओर से घटना के 27 साल बाद दाखिल इस क्यूरेटिव पेटिशन के साथ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह की सिफारिश भी है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में यह कहते हुए इस मामले में दाखिल रिव्यू याचिका खारिज करते हुए कहा था नरसंहार के 27 साल बाद सबूत जुटाना मुश्किल है।
याचिका में 1984 में हुए सिख दंगो का हवाला देते हुए कहा गया है जब कि सुप्रीम कोर्ट ने 33 साल बाद 1984 के सिख दंगों की जांच करवाई है तो इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।
याचिका में मांग की गई है कि यासीम मालिक और फारुक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, जावेद नलका सहित अन्य आतंकवादियों पर उन कुकृत्यों लिए मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जाय।
इसके अलावा मामले की जांच कश्मीर को छोड़कर किसी और राज्य में ट्रांसफर कर CBI जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाने की मांग की हैं।
